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Showing posts from October, 2020

मोलभाव ना करे।

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एक महिला ने एक अंडे बेचने वाले बूढ़े व्यक्ति से पूछा "आप अंडे क्या भाव बेच रहे हो ?"  बेचने वाले बूढ़े व्यक्ति ने उत्तर दिया "मैडम ₹ 5 का एक......  महिला ने विक्रेता से कहा मैं तो ₹ 25 में 6 लूंगी वरना मैं जाती हूँ। बूढ़े विक्रेता ने उत्तर दिया - आइये और जो कीमत आप बता रही हैं, उसी भाव में ले जाइए। शायद यह मेरी अच्छी बोहनी हो जाये । क्योंकि आज अभी तक मैं एक भी अंडा नहीं बेच पाया हूँ। उस महिला ने अंडे खरीदे और इस तरह चली गई, जैसे उसने बहुत बड़ी लड़ाई में जीत हासिल की हो। वह अपनी क़ीमती गाड़ी में बैठी और अपने मित्र के साथ एक महँगे रेस्टोरेंट में पहुंच गई !वहां पर उसने और उसके मित्र ने अपनी पसन्दीदा चीजें मंगवाईं। उन्होंने अपने द्वारा दिये गए आर्डर के सामान में से कुछ कुछ खाया और बहुत सारा सामान छोड़ दिया। तब वह महिला बिल का भुगतान करने के लिए गई। कुल ₹ 1400 का बिल बना। उसने रेस्टोरेंट के मालिक को ₹ 1500 दिए तथा उससे कहा कि बाकी के पैसे रख लो। यह घटना रेस्टोरेंट के मालिक के लिए बेशक एक साधारण सी घटना रही होगी लेकिन उस बेचारे गरीब अंडे बेचने वाले बूढ़े व्यक्ति के लिए बहुत...

परिवर्तित होती भारतीय नारी

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#परिवर्तित_होती_भारतीय_नारी.....✍️ सन 1980 तक लड़कियाँ कालेज में साड़ी पहनती थी या फिर सलवार सूट।  इसके बाद साड़ी पूरी तरह गायब हुई और सलवार सूट के साथ जीन्स आ गया।  2005 के बाद सलवार सूट लगभग गायब हो गया और इसकी जगह Skin Tight काले सफेद #स्लैक्स आ गए, फिर 2010 तंक लगभग #पारदर्शी_स्लैक्स आ गए जिसमे #आंतरिक_वस्त्र पूरी तरह स्प्ष्ट दिखते हैं। फिर सूट, जोकि पहले घुटने या जांघो के पास से 2 भाग मे कटा होता था, वो 2012 के बाद कमर से 2 भागों में बंट गया और  फिर 2015 के बाद यह सूट लगभग ऊपर नाभि के पास से 2 भागो मे बंट गया, जिससे कि लड़की या महिला के नितंब पूरी तरह स्प्ष्ट दिखाई पड़ते हैं और 2 पहिया गाड़ी चलाती या पीछे बैठी महिला अत्यंत विचित्र सी दिखाई देती है, मोटी जाँघे, दिखता पेट। आश्चर्य की बात यह है कि यह पहनावा कॉलेज से लेकर 40 वर्ष या ऊपर उम्र की महिलाओ में अब भी दिख रहा है। बड़ी उम्र की महिलायें छोटी लड़कियों को अच्छा सिखाने की बजाए उनसे बराबरी की होड़ लगाने लगी है। नकलची महिलाए,  अब कुछ नया हो रहा 2018 मे, स्लैक्स ही कुछ Printed या रंग बिरंगा सा हो गय...

कभी यूँ ही बैठ लिया करो

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कभी यूँ ही बैठ लिया करो मेरे लिए रिक्शे में बैठना एक कठिन निर्णय होता रहा है, रिक्शे की सवारी के समय मेरा ध्यान हमेशा उसकी पैरों की पिंडलियों पर रहता था , कि कितनी मेहनत से खींचता है रिक्शा , सड़क पर कोई भी मोटरसाइकिल वाला या कार वाला उसको ऐसे हिकारत की निगाह से देखता है जैसे कोई जुर्म कर दिया हो, मैनें नोटिस किया अक्सर कारों वालों के अहम के सामने रिक्शेवाले भाई को अपने रिक्शे में ब्रेक लगाने पड़ते थे , गलती किसी की हो थप्पड़ हमेशा रिक्शेवाले के गाल पर ही पड़ता था। पुलिसवाले के गुस्से का सबसे पहला शिकार ये बेचारा रिक्शेवाला ही होता है।  बेचारा 2 आंसू टपकाता, अपने गमछे से आँसू पोंछता फिर से पैडल पर जोर मार के चल पड़ता।  यार ये दौलत कमाने नहीं निकले , सिर्फ 2 वक़्त की रोटी मिल जाये, बच्चे को भूखा न सोना पड़े बस इसीलिए पूरी जान लगा देते हैं  कभी इनसे मोल भाव मत करना दे देना कुछ एक्स्ट्रा , ईश्वर भी फिर प्लान करेगा आपको कुछ एक्स्ट्रा देने का  कभी कभी यूँही सवारी कर लेना रिक्शे की मदद हो जाएगी, भीख देकर उनका अपमान मत करना ,  गरीब हैं भिखारी नहीं  बस कभी कभी...

😥😥😥

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लड़के ने नम्बर मांगा आप ने दे दिया...  लड़के ने तस्वीर मांगी आप ने दे दी... लड़के ने वीडियो कॉल के लिए कहा आप ने कर ली... लड़के ने दुपट्टा हटाने को कहा आप ने हटा दिया... लड़के ने कुछ देखने की ख्वाहिश की आप ने पूरी कर दी... लड़के ने मिलने को कहा आप माँ बाप को धोखा देकर आशिक़ से मिलने पहुंच गयीं... लड़के ने बाग में बैठ कर आप की तारीफ़ करते हुए आपको सरसब्ज़ बाग दिखाए आपने देख लिये... फिर जूस कार्नर पर जूस पीते वक़्त लड़के ने हाथ लगाया, इशारे किये, मगर कोई बात नहीं अब नया ज़माना है यह सब तो चलता ही है... फिर लड़के ने होटल में कमरा लेने की बात की, आप ने शर्माते हुए इंकार कर दिया, कि शादी से पहले यह सब अच्छा तो नहीं लगता न... फिर दो तीन बार कहने पर आप तैयार हो गयीं होटल के कमरे में जाने के लिए... आप दोनों ने मिल कर खूब एंजॉय किया... अंडरस्टेंडिंग के नाम पर दुल्हा दुल्हन बन गए बस बच्चा पैदा न हो इस पर ध्यान दिया... फिर एक दिन झगड़ा हुआ और सब खत्म क्योंकि हराम रिश्तों का अंजाम कुछ ऐसा ही होता है... लेकिन लेकिन... यहां सरासर मर्द गलत नहीं है, वह भेड़िया है, वह मुजरिम...

नवरात्रि

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नवरात्र - कुलदेवी - नवदुर्गा उपासना  🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺        तिथि नक्षत्र पंचांग मुजब अश्विन मासमें ब्रह्मांड की सर्व देवी शक्तियां पूर्ण जागृत स्वरूपमे पृथ्वीलोकमें विचरण करती है इसलिए नाव रात्रिमें अलग अलग शक्तिधाराओ को अलग अलग दुर्गा स्वरूप पूजा जाता है । ऐसे तो महालक्ष्मी , महासास्वती , महाकाली इन तीन प्रमुख महादेवीओ के सत,रजस,तम ऐसे तीन तीन स्वरूप नोउ स्वरूप है जो विविध नामो से भी पूजा जाता है । अम्बा , गायत्री , सरस्वती , लक्ष्मी , महाकाली , अन्नपूर्णा ... वो सब रूप ही नवदुर्गा के अवतार है । निराकार ब्रह्म शिव की शक्ति महामाया के ही ये सब स्वरूप है । हरेक वंश गोत्र की कुलदेवी ही महामाया स्वरूप है इसलिए देवी के किसी भी स्वरूप की पूजा कुलदेवी के स्वरूपमे ही करनी होती है । प्रत्येक युग में 9 देवियां अलग-अलग होती हैं. यह एक वृहद विषय है, जिसका उल्लेख यहां संभव नहीं है. शीघ्र सिद्धि के लिए नियत जप-पूजन इत्यादि आवश्यक है. इससे भी अधिक आवश्यक है श्रद्धा व विश्वास. कलियुग में प्रत्येक‍ दिन की देवियां अलग-अलग अधिष्ठात्री हैं, जिनकी साधना से कामना-पू...