सनातन(हिन्दू) नव वर्ष
*◆ नववर्ष तिथि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का महत्त्व* नव वर्ष 2079, "नल" नाम सम्वत्सर, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, 2 अप्रैल 2022 से प्रारम्भ हो रहा है, इसका महत्त्व जानना हम सभी के लिए आवश्यक है... चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पहली तिथि, बढ़ते हुए चन्द्र के साथ नए वर्ष का आगमन। 1 अरब 95 करोड़ 58 लाख 85 हज़ार 123 वर्ष पहले चैत्र मास के शुक्लपक्ष में सूर्योदय के समय ब्रह्माजी ने जगत की रचना की थी।१ आरम्भ है सृष्टि का यह पावन प्रतिपदा। महाराज इक्ष्वाकु का राज्यारोहण है यह प्रतिपदा। सतयुग व प्रभव आदि 60 संवत्सरों का आरम्भ है चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा।२ चन्द्रमा और सूर्य के वर्ष का आरम्भ है मधुमास की धवल प्रतिपदा।३ इस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सूर्योदय में जो वार होता है उसी का अधीश वर्ष का राजा होता है।४ लंका नगरी में मधुमास (चैत्र) के सितपक्ष के आरम्भ होने पर सूर्योदय के समय जब रविवार था तब दिन, मास, पर्व, युगादि व युगपत आदि की प्रवृत्ति हुई थी।५ सम्राट विक्रमादित्य का शासनग्रहणदिवस है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा। 180 देशों के अधीश्वर शकारि सम्राट विक्रमादित्य जिन्होंन...